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*हनुमानगढ़ व्यायामशाला का 45 दिवसीय निःशुल्क अखाड़ा प्रशिक्षण शिविर आकर्षण का केंद्र*

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*हनुमानगढ़ व्यायामशाला का 45 दिवसीय निःशुल्क अखाड़ा प्रशिक्षण शिविर आकर्षण का केंद्र*

*पारंपरिक लठ्ठबाजी, शस्त्र विधाओं एवं खेलों के माध्यम से बच्चों में विकसित हो रहा आत्मविश्वास,अनुशासन और शारीरिक क्षमता*

खंडवा।सिन्धी समाज के युवाओं द्वारा संचालित श्री हनुमानगढ़ व्यायामशाला के तत्वावधान में आयोजित 45 दिवसीय निःशुल्क अखाड़ा प्रशिक्षण शिविर इन दिनों बच्चों और युवाओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान 1 मई से प्रारंभ हुए इस शिविर में बड़ी संख्या में 7 वर्ष से 18 आयु वर्ष के बच्चे एवं युवा पारंपरिक लठ्ठबाजी, तलवार बाजी, नानचाकू, चक्रा तथा अन्य शस्त्र विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
शिविर के मुख्य प्रशिक्षक एवं हनुमानगढ़ अखाड़ा के संचालक मनीष कुमार मलानी ने बताया कि आधुनिकता और डिजिटल युग के प्रभाव में आज की युवा पीढ़ी अपनी प्राचीन परंपराओं एवं पारंपरिक कलाओं से दूर होती जा रही है।लठ्ठबाजी और अखाड़ा जैसी प्राचीन शास्त्र कलाएं भी धीरे-धीरे विलुप्त होने की स्थिति में पहुंच रही हैं। वहीं लठ्ठबाजी केवल एक खेल नहीं, बल्कि आत्मरक्षा, शारीरिक दक्षता, मानसिक एकाग्रता और मनोरंजन का प्रभावी माध्यम रही है। शिविर में प्रतिभागियों को लठ्ठबाजी के साथ-साथ शारीरिक एवं बौद्धिक विकास में सहायक विभिन्न खेलों और अनुशासनात्मक गतिविधियों का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
हनुमानगढ़ अखाड़ा के अमित वैणानी ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चे मोबाइल और डिजिटल दुनिया के अत्यधिक प्रभाव के कारण मानसिक एवं शारीरिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं।ऐसे में आवश्यक है कि उन्हें पारंपरिक खेलों और शारीरिक गतिविधियों से जोड़ा जाए,जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके। इसी उद्देश्य को लेकर हनुमानगढ़ व्यायामशाला लगातार प्रयासरत है।
यह जानकारी देते हुए सिन्धी समाजसेवी कमल नागपाल ने बताया कि इस शिविर में सिन्धी समाज के साथ ही अन्य समाज के बच्चे भी सम्मिलित हो रहे हैं।कुछ बच्चे अन्य मोहल्ले एवं ग्रामीण क्षेत्र से भी रोजाना आ रहे हैं, यह शिविर आगामी 15 जून तक निरंतर संचालित होगा, प्रशिक्षण शाला प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से 9:30 बजे तक टैगोर कॉलोनी स्थित शिव मंदिर के समीप, आयुक्त निवास के सामने स्थित बगीचे में संचालित की जा रही है। उल्लेखनीय है कि हनुमानगढ़ अखाड़ा शाला वर्षों से इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम करते आ रहा है और भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं एवं प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से भारतीय पारंपरिक युद्ध कलाओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं जीवित रखने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।इस वर्ष शिविर में मुख्य प्रशिक्षक मनीष कुमार मलानी के साथ ही सहयोगी शिक्षक की भूमिका में राहुल चंचलानी, जतिन दुल्हानी,कृष्णा रेवतानी एवं हर्ष गोस्वामी द्वारा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।रोजाना सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ ही शाला का समापन किया जाता है।

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